आगरा बने हेरिटेज सिटी… यू पी सरकार से 1 महीने में आएगा फैसला.

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार (28 अगस्त) को कहा कि विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा और संरक्षा के लिये प्रदूषण और हरित क्षेत्र जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुये व्यापक परिप्रेक्ष्य में दृष्टिपत्र तैयार करना चाहिए क्योंकि इस धरोहर के संरक्षण के लिये दूसरा अवसर नहीं मिलेगा. शीर्ष अदालत ने कहा कि निश्चित ही इस मामले में ताजमहल को केन्द्र में रखते हुये ही विचार करना होगा लेकिन इसके साथ ही दृष्टिपत्र तैयार करते समय वाहनों के आवागमन, ताज ट्राइपेजियम जोन में काम कर रहे उद्योगों से होने वाला प्रदूषण और यमुना नदी के जल स्तर जैसे मुद्दों पर भी गौर करना चाहिए.पीठ ने कहा कि ताजमहल को संरक्षित करने के लिये प्राधिकारियों को अनेक बिन्दुओं पर विचार करना होगा. पीठ ने हरित क्षेत्र के साथ ही इस इलाके में कार्यरत उद्योगों तथा होटल और रेस्तरां की संख्या के बारे में जानकारी चाही. उप्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता और अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि दिल्ली में नियोजन एवं वास्तुकला विद्यालय एक दृष्टिपत्र तैयार कर रहा है. ताजमहल के संरक्षण के अलावा वह इन सभी बिन्दुओं से निबटने के लिये भी एक व्यापक योजना पर विचार कर रहा है.

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